२ दिवसीय रेकी प्रशिक्षण कार्यशाला ((रेकी लेवल १ और २ ))
दि. 8 और 9 अप्रैल 2018 (रविवार और सोमवार) को
8 & 9 April 2018(Sunday & Monday)
नासिक महाराष्ट्र में
ओजस क्लिनिक और एक्यूप्रेशर केंद्र नासिक द्वारा आयोजित
प्रशिक्षक ; - रेकी ग्रैंड मास्टर डाॅ. अनुपम ढवळे B.A.M.S. MD.(AM)
(संचालक – Godawari Healthcare & Holistic healing center yavatmal)
1) रेकी का मतलब क्या है ?
- रेकी एक जापानीज शब्द है जो दो अक्षरों से बना है । रे - का मतलब होता है वैश्विक प्राण ऊर्जा , और की - का मतलब होता है हमरे शरीर की प्राण ऊर्जा.
यानि की रेकी का मतलब हुआ - हमारे स्वयं के प्राण ऊर्जा को इस ब्रह्माण्ड की प्राण ऊर्जा के साथ जोड़ना. रेकी की सभी साधनायें इसी एक सिद्धांत पर आधारित है ।
2) इस कोर्स को सिख कर आप रेकी का कहा कहा उपयोग कर पाएंगे ?
-किसी भी तरह की बिमारी, रोग, दर्द को दूर करने के लिए
- तनाव मुक्त और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए।
-मन और आत्मा के उत्थान के लिए जैसे कुण्डलिनी जागरण, चक्रों को जाग्रत करने के लिए ।
-मन का स्वास्थ्य उत्तम रखने, नकारात्मक विचारों से छुटकारा पाने, एवं मनोशांति प्राप्त करने के लिए ।
- वास्तु में कोई दोष हो तो उनके निवारण के लिए
- कुण्डली में कोई ग्रहदोष हो जैसे , कालसर्प दोष, मंगल दोष, साढ़ेसाती आदि के लिए
ऊपर दिए सभी तकनीक इस कोर्स में आपको सिखाये जाते है ।
3) २ दिवसीय कोर्स के मुख्य अंग/सिलेबस –
किसी भी रेकी कोर्स करने से पहले इस पाठ्यक्रम की जाँच जरूर करें, की क्या आपको ये सभी चीजे रेकी के अंतर्गत सिखाई जाती यही या नहीं.
Day 1 (पहला दिन) लेवल १
-रेकी का परिचय
-रेकी क्या है
-रेकी काम कैसे करती है
-शरीर की ऊर्जा प्रणाली
-उर्जात्मक डाइट, एवं जीवनशैली मार्गदर्शन.
-रेकी का वैज्ञानिक विश्लेषण
-सात चक्र एवं उनके मानव जीवन पर प्रभाव
-सात चक्रों की रंग एवं मंत्र चिकित्सा
-रेकी के साथ मैडिटेशन
-रेकी लेवल १ अट्यूनमेन्ट (रेकी ऊर्जा शक्ति क्रिया)
- रेकी द्वारा स्पर्श चिकित्सा
- रेकी द्वारा दूसरों को स्पर्श चिकित्सा देने की विधि
- कैंसर, मधुमेह, ह्रदय रोग एवं अनेको मुख्या रोगों का उर्जात्मक विश्लेषण और उपचार विधि.
मध्यान्ह भोजन कोर्स फीस में सम्मिलित है
Day 2 (दूसरा दिन) लेवल २
-कुण्डलिनी जागरण एवं चक्र हीलिंग सेशन
-रेकी के चिन्ह (reiki symbols) और उनके उपयोग
- तृतीय नेत्र/ थर्ड आय जागरण सेशन (Third eye opening)
- रेकी लेवल २ अट्यूनमेन्ट (रेकी ऊर्जा शक्ति क्रिया 2 )
- रेकी द्वारा डिस्टेंस हेलिंग (जब मरीज आपसे दूर हो तब उसे ऊर्जा देने का तरीका..)
- रेकी द्वारा आकर्षण विधि/साधना
-नकारत्मक विचार, व्यसन, क्रोध, चिंता अदि को को दूर करने की रेकी विधि
-रेकी द्वारा वास्तु हीलिंग
- रेकी द्वारा ज्योतिषीय ग्रह, कुंडली की समस्याओं का निराकरण.
मध्यान्ह भोजन कोर्स फीस में सम्मिलित है
☯कोर्स दि. - 8 और 9 अप्रैल 2018 (रविवार और सोमवार) 8 & 9 April 2018 (Sunday & Monday)
प्रशिक्षक ;- रेकी ग्रैंड मास्टर डाॅ. अनुपम ढवळे B.A.M.S. MD.(AM)
समय – सुबह 11 से दोपहर 5
कोर्स फी - RS 5000 Only
🔯 कोर्स स्थान- ओजस क्लिनिक, C/o चैतन्य, अंबड पोलीस स्टेशनके पिछे, सिडको, नाशिक (महाराष्ट्र)
🔯 नाशिक के लिए सभी प्रमुख शहरो से बसेस और रेलमार्ग उपलब्ध है !!
🏡 नाशिक के बाहर से आने वाले लोगों के लिए आवास उपलब्ध कराया जाएगा (शुल्क अतिरिक्त)
सभी आवश्यक सामग्री, किताबों 📚 और सीडी 📀 अभ्यास पाठ्यक्रम के साथ दी जाएगी .
व्यवसायी प्रमाण पत्र के साथ सभी को सम्मानित किया जाएगा.
इस कोर्स के अधिकतम लाभ के लिए पूर्व पंजीकरण अनिवार्य है. पूर्व पंजीकरण Rs 1000 प्रति व्यक्ति का भुगतान करके किया जा सकता है.
🔯पंजीकरण शुल्क कुल कोर्स की फीस Rs 5000 का ही एक हिस्सा है (Rs 1000 रजिस्ट्रेशन + 4000 कोर्स के दिन)
🙏🏻अधिक जानकारी और, रजिस्ट्रेशन के लिये कॉल या Whats app पर संपर्क करें 🙏🏻
1) डॉ. टंडन (Dr Tandon) -
2) डॉ. खोतवानी (Dr. Khotwani) (Call only), 08830134345 (Whats App only)
3) डॉ. अनुपम ढवळे (Dr Anupam Dhawale) -
इस कोर्स के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस वीडियो को एक बार आवश्य देखें .
अप्रैल फूल" किसी को कहने से पहले
इसकी
वास्तविक सत्यता जरुर जान ले.!!
पावन महीने की शुरुआत को मूर्खता दिवस
कह रहे
हो !!
पता भी है क्यों कहते है अप्रैल फूल (अप्रैल फुल
का
अर्थ है - हिन्दुओ का मूर्खता दिवस).??
ये नाम अंग्रेज ईसाईयों की देन है…
मुर्ख हिन्दू कैसे समझें "अप्रैल फूल" का मतलब बड़े
दिनों से बिना सोचे समझे चल रहा है अप्रैल फूल,
अप्रैल फूल ???
इसका मतलब क्या है.?? दरअसल जब ईसाइयत अंग्रेजो
द्वारा हमे 1 जनवरी का नववर्ष थोपा गया तो उस
समय लोग विक्रमी संवत के अनुसार 1 अप्रैल से
अपना
नया साल बनाते थे, जो आज भी सच्चे हिन्दुओ
द्वारा मनाया जाता है, आज भी हमारे बही
खाते
और बैंक 31 मार्च को बंद होते है और 1 अप्रैल से शुरू
होते है, पर उस समय जब भारत गुलाम था तो ईसाइयत
ने विक्रमी संवत का नाश करने के लिए साजिश करते
हुए 1 अप्रैल को मूर्खता दिवस "अप्रैल फूल" का नाम
दे दिया ताकि हमारी सभ्यता मूर्खता लगे अब आप
ही सोचो अप्रैल फूल कहने वाले कितने
सही हो
आप.?
यादरखो अप्रैल माह से जुड़े हुए इतिहासिक दिन और
त्यौहार
1. हिन्दुओं का पावन महिना इस दिन से शुरू होता है
(शुक्ल प्रतिपदा)
2. हिन्दुओ के रीति -रिवाज़ सब इस दिन के कलेण्डर
के अनुसार बनाये जाते है।
6. आज का दिन दुनिया को दिशा देने वाला है।
अंग्रेज ईसाई, हिन्दुओ के विरुध थे इसलिए हिन्दू के
त्योहारों को मूर्खता का दिन कहते थे और आप
हिन्दू भी बहुत शान से कह रहे हो.!!
गुलाम मानसिकता का सुबूत ना दो अप्रैल फूल लिख
के.!!
अप्रैल फूल सिर्फ भारतीय सनातन कलेण्डर, जिसको
पूरा विश्व फॉलो करता था उसको भुलाने और
मजाक उड़ा
दि. 8 और 9 अप्रैल 2018 (रविवार और सोमवार) को
8 & 9 April 2018(Sunday & Monday)
नासिक महाराष्ट्र में
ओजस क्लिनिक और एक्यूप्रेशर केंद्र नासिक द्वारा आयोजित
प्रशिक्षक ; - रेकी ग्रैंड मास्टर डाॅ. अनुपम ढवळे B.A.M.S. MD.(AM)
(संचालक – Godawari Healthcare & Holistic healing center yavatmal)
1) रेकी का मतलब क्या है ?
- रेकी एक जापानीज शब्द है जो दो अक्षरों से बना है । रे - का मतलब होता है वैश्विक प्राण ऊर्जा , और की - का मतलब होता है हमरे शरीर की प्राण ऊर्जा.
यानि की रेकी का मतलब हुआ - हमारे स्वयं के प्राण ऊर्जा को इस ब्रह्माण्ड की प्राण ऊर्जा के साथ जोड़ना. रेकी की सभी साधनायें इसी एक सिद्धांत पर आधारित है ।
2) इस कोर्स को सिख कर आप रेकी का कहा कहा उपयोग कर पाएंगे ?
-किसी भी तरह की बिमारी, रोग, दर्द को दूर करने के लिए
- तनाव मुक्त और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए।
-मन और आत्मा के उत्थान के लिए जैसे कुण्डलिनी जागरण, चक्रों को जाग्रत करने के लिए ।
-मन का स्वास्थ्य उत्तम रखने, नकारात्मक विचारों से छुटकारा पाने, एवं मनोशांति प्राप्त करने के लिए ।
- वास्तु में कोई दोष हो तो उनके निवारण के लिए
- कुण्डली में कोई ग्रहदोष हो जैसे , कालसर्प दोष, मंगल दोष, साढ़ेसाती आदि के लिए
ऊपर दिए सभी तकनीक इस कोर्स में आपको सिखाये जाते है ।
3) २ दिवसीय कोर्स के मुख्य अंग/सिलेबस –
किसी भी रेकी कोर्स करने से पहले इस पाठ्यक्रम की जाँच जरूर करें, की क्या आपको ये सभी चीजे रेकी के अंतर्गत सिखाई जाती यही या नहीं.
Day 1 (पहला दिन) लेवल १
-रेकी का परिचय
-रेकी क्या है
-रेकी काम कैसे करती है
-शरीर की ऊर्जा प्रणाली
-उर्जात्मक डाइट, एवं जीवनशैली मार्गदर्शन.
-रेकी का वैज्ञानिक विश्लेषण
-सात चक्र एवं उनके मानव जीवन पर प्रभाव
-सात चक्रों की रंग एवं मंत्र चिकित्सा
-रेकी के साथ मैडिटेशन
-रेकी लेवल १ अट्यूनमेन्ट (रेकी ऊर्जा शक्ति क्रिया)
- रेकी द्वारा स्पर्श चिकित्सा
- रेकी द्वारा दूसरों को स्पर्श चिकित्सा देने की विधि
- कैंसर, मधुमेह, ह्रदय रोग एवं अनेको मुख्या रोगों का उर्जात्मक विश्लेषण और उपचार विधि.
मध्यान्ह भोजन कोर्स फीस में सम्मिलित है
Day 2 (दूसरा दिन) लेवल २
-कुण्डलिनी जागरण एवं चक्र हीलिंग सेशन
-रेकी के चिन्ह (reiki symbols) और उनके उपयोग
- तृतीय नेत्र/ थर्ड आय जागरण सेशन (Third eye opening)
- रेकी लेवल २ अट्यूनमेन्ट (रेकी ऊर्जा शक्ति क्रिया 2 )
- रेकी द्वारा डिस्टेंस हेलिंग (जब मरीज आपसे दूर हो तब उसे ऊर्जा देने का तरीका..)
- रेकी द्वारा आकर्षण विधि/साधना
-नकारत्मक विचार, व्यसन, क्रोध, चिंता अदि को को दूर करने की रेकी विधि
-रेकी द्वारा वास्तु हीलिंग
- रेकी द्वारा ज्योतिषीय ग्रह, कुंडली की समस्याओं का निराकरण.
मध्यान्ह भोजन कोर्स फीस में सम्मिलित है
☯कोर्स दि. - 8 और 9 अप्रैल 2018 (रविवार और सोमवार) 8 & 9 April 2018 (Sunday & Monday)
प्रशिक्षक ;- रेकी ग्रैंड मास्टर डाॅ. अनुपम ढवळे B.A.M.S. MD.(AM)
समय – सुबह 11 से दोपहर 5
कोर्स फी - RS 5000 Only
🔯 कोर्स स्थान- ओजस क्लिनिक, C/o चैतन्य, अंबड पोलीस स्टेशनके पिछे, सिडको, नाशिक (महाराष्ट्र)
🔯 नाशिक के लिए सभी प्रमुख शहरो से बसेस और रेलमार्ग उपलब्ध है !!
🏡 नाशिक के बाहर से आने वाले लोगों के लिए आवास उपलब्ध कराया जाएगा (शुल्क अतिरिक्त)
सभी आवश्यक सामग्री, किताबों 📚 और सीडी 📀 अभ्यास पाठ्यक्रम के साथ दी जाएगी .
व्यवसायी प्रमाण पत्र के साथ सभी को सम्मानित किया जाएगा.
इस कोर्स के अधिकतम लाभ के लिए पूर्व पंजीकरण अनिवार्य है. पूर्व पंजीकरण Rs 1000 प्रति व्यक्ति का भुगतान करके किया जा सकता है.
🔯पंजीकरण शुल्क कुल कोर्स की फीस Rs 5000 का ही एक हिस्सा है (Rs 1000 रजिस्ट्रेशन + 4000 कोर्स के दिन)
🙏🏻अधिक जानकारी और, रजिस्ट्रेशन के लिये कॉल या Whats app पर संपर्क करें 🙏🏻
1) डॉ. टंडन (Dr Tandon) -
2) डॉ. खोतवानी (Dr. Khotwani) (Call only), 08830134345 (Whats App only)
3) डॉ. अनुपम ढवळे (Dr Anupam Dhawale) -
इस कोर्स के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस वीडियो को एक बार आवश्य देखें .
अप्रैल फूल" किसी को कहने से पहले
इसकी
वास्तविक सत्यता जरुर जान ले.!!
पावन महीने की शुरुआत को मूर्खता दिवस
कह रहे
हो !!
पता भी है क्यों कहते है अप्रैल फूल (अप्रैल फुल
का
अर्थ है - हिन्दुओ का मूर्खता दिवस).??
ये नाम अंग्रेज ईसाईयों की देन है…
मुर्ख हिन्दू कैसे समझें "अप्रैल फूल" का मतलब बड़े
दिनों से बिना सोचे समझे चल रहा है अप्रैल फूल,
अप्रैल फूल ???
इसका मतलब क्या है.?? दरअसल जब ईसाइयत अंग्रेजो
द्वारा हमे 1 जनवरी का नववर्ष थोपा गया तो उस
समय लोग विक्रमी संवत के अनुसार 1 अप्रैल से
अपना
नया साल बनाते थे, जो आज भी सच्चे हिन्दुओ
द्वारा मनाया जाता है, आज भी हमारे बही
खाते
और बैंक 31 मार्च को बंद होते है और 1 अप्रैल से शुरू
होते है, पर उस समय जब भारत गुलाम था तो ईसाइयत
ने विक्रमी संवत का नाश करने के लिए साजिश करते
हुए 1 अप्रैल को मूर्खता दिवस "अप्रैल फूल" का नाम
दे दिया ताकि हमारी सभ्यता मूर्खता लगे अब आप
ही सोचो अप्रैल फूल कहने वाले कितने
सही हो
आप.?
यादरखो अप्रैल माह से जुड़े हुए इतिहासिक दिन और
त्यौहार
1. हिन्दुओं का पावन महिना इस दिन से शुरू होता है
(शुक्ल प्रतिपदा)
2. हिन्दुओ के रीति -रिवाज़ सब इस दिन के कलेण्डर
के अनुसार बनाये जाते है।
6. आज का दिन दुनिया को दिशा देने वाला है।
अंग्रेज ईसाई, हिन्दुओ के विरुध थे इसलिए हिन्दू के
त्योहारों को मूर्खता का दिन कहते थे और आप
हिन्दू भी बहुत शान से कह रहे हो.!!
गुलाम मानसिकता का सुबूत ना दो अप्रैल फूल लिख
के.!!
अप्रैल फूल सिर्फ भारतीय सनातन कलेण्डर, जिसको
पूरा विश्व फॉलो करता था उसको भुलाने और
मजाक उड़ा

0 comments:
Post a Comment